मई 27, 2026, के द्वारा प्रकाशित किया गया: अभिराज सिन्धानिया

रणवीर सिंह पर FWICE ने जारी किया नॉन-कू-ऑपरेशन डायरेक्टिव

बॉलीवुड में एक बार फिर से हलचल मची हुई है। रणवीर सिंह, बॉलीवुड अभिनेता को फिल्म उद्योग के श्रमिक संघ ने आधिकारिक तौर पर 'नॉन-कू-ऑपरेशन डायरेक्टिव' (NCD) जारी कर दिया है। इस कदम का सीधा मतलब यह हुआ कि अब उनके साथ काम करना उद्योग के लिए मुश्किल हो सकता है। यह निर्णय Federation of Western India Cine Employees (FWICE) द्वारा सोमवार शाम की बैठक के बाद लिया गया था।

मुद्दा जटिल है। यह सिर्फ एक फिल्म छोड़ने की बात नहीं है, बल्कि इसके पीछे करोड़ों रुपये का खर्च और टूटे हुए विश्वास हैं। जब किसी बड़े स्टार का प्रोजेक्ट से अचानक बाहर निकलना उद्योग के नियमों और अनुबंधों को चुनौती देता है, तो परिणाम अक्सर भारी होते हैं। यही मामला डॉन 3 का है, जिसके निर्देशक फरहान अख्तर, निर्देशक और अभिनेता हैं।

विवाद की पृष्ठभूमि: कैसे शुरू हुआ सब कुछ?

इस कहानी की शुरुआत साल 2023 से होती है, जब फरहान अख्तर ने घोषणा की थी कि रणवीर सिंह 'डॉन 3' में मुख्य भूमिका निभाएंगे। उस समय पूरे सिनेमाप्रेमियों में उत्साह छाया हुआ था। लेकिन समय के साथ स्थिति बदल गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, दिसंबर 2025 में रणवीर सिंह ने अचानक इस प्रोजेक्ट से विराम लेने का फैसला किया। कहा जा रहा है कि यह निर्णय Excel Entertainment और रणवीर के बीच सृजनात्मक मतभेदों और स्क्रिप्ट में विलंबता की वजह से हुआ था।

हालांकि, रणवीर सिंह ने कभी भी सार्वजनिक रूप से इस विवाद को संबोधित नहीं किया। उधर, निर्माण पक्ष का मानना था कि रणवीर ने पहले ही तीन फिल्मों का अनुबंध साइन किया था, इसलिए उनका अचानक निकल जाना एक बड़ा धोखा था। फरहान अख्तर और रितेश सिद्धवानी, Excel Entertainment के सह-संस्थापक ने इस मामले को उद्योग के अन्य संस्थानों जैसे GUILD तक ले जाने का प्रयास किया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।

FWICE का कदम: 45 करोड़ का नुकसान और बैन

अप्रैल 2026 में, जब सभी रास्ते बंद हो गए, तो फरहान अख्तर ने सीधे FWICE का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने संघ को बताया कि प्री-प्रोडक्शन पर लगभग ₹45 करोड़ खर्च हो चुके हैं और रणवीर के अचानक वापस लौटने से उत्पादनकर्ताओं को गंभीर वित्तीय नुकसान हो सकता है।

FWICE, जो हिंदी फिल्म उद्योग में 38 यूनियनों का प्रतिनिधित्व करता है, ने इस मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने रणवीर सिंह को कई नोटिस जारी किए, लेकिन रणवीर का lập trường स्पष्ट था:他们认为 FWICE अनुबंध विवादों में हस्तक्षेप करने के लिए "उचित फोरम" नहीं है। उनकी राय में, यह एक नागरिक मामला है जिसे अदालत में सुना जाना चाहिए, न कि किसी यूनियन द्वारा।

लेकिन संघ की राय अलग थी। सोमवार की बैठक के बाद, FWICE ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि रणवीर सिंह के व्यवहार को देखते हुए, उन्हें नॉन-कू-ऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया गया है। सरल शब्दों में, इसका मतलब है कि FWICE के सदस्य (जिनमें मेकअप आर्टिस्ट, लाइटिंग क्रू, तकनीशियन आदि शामिल हैं) रणवीर सिंह के साथ काम करने से इनकार कर देंगे।

कानूनी पहलू: क्या यह बैन वैध है?

कानूनी पहलू: क्या यह बैन वैध है?

यहाँ एक महत्वपूर्ण मुद्दा सामने आता है। NDTV और अन्य कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, FWICE द्वारा जारी यह डायरेक्टिव एक 'ट्रेड यूनियन एक्शन' है, न कि किसी राज्य द्वारा लागू किया गया कानूनी दंड। इसका मतलब है कि यह अदालत का आदेश नहीं है।

रणवीर सिंह यदि चाहें तो इस निर्देश को चुनौती दे सकते हैं। भारतीय अदालतों ने पिछले वर्षों में ऐसे उद्योग बहिष्कारों पर नजर रखी है जो कर्मचारियों के काम करने के अधिकार में अवैध हस्तक्षेप समझे जाते हैं। यदि रणवीर इसे 'ब्लैकलिस्टिंग' या अन्यायपूर्ण मानते हैं, तो वे कानूनी कार्रवाई शुरू कर सकते हैं। हालांकि, Excel Entertainment के पास भी अपना रास्ता है; वे अनुबंध उल्लंघन के लिए क्षतिपूर्ति की मांग कर सकते हैं, लेकिन यह मामला सिविल अदालत में जाएगा, न कि FWICE में।

रणवीर सिंह के करियर पर असर

रणवीर सिंह के करियर पर असर

रणवीर सिंह वर्तमान में अपने करियर के चरम पर हैं। उनकी फिल्म 'धुरंधर: द रेवनज' की सफलता के बाद, उनकी मांग और मूल्य दोनों बढ़ गए हैं। FWICE का यह बैन उनके आगामी प्रोजेक्ट्स के लिए एक बड़ी बाधा बन सकता है। फिल्म निर्माण में सैकड़ों तकनीकी कार्यकर्ताओं की भागीदारी होती है; यदि ये लोग काम करने से इनकार कर दें, तो शूटिंग रुक सकती है और निर्माता नुकसान उठा सकते हैं।

उद्योग के सूत्रों का कहना है कि जब तक रणवीर सिंह व्यक्तिगत रूप से FWICE से मुलाकात नहीं करते या मामला सुलझा नहीं लेते, तब तक यह डायरेक्टिव लागू रहेगा। क्या रणवीर अपनी मौजूदा स्थिति बनाए रखेंगे या संघ के साथ बातचीत करेंगे? यह अगला मोड़ दिलचस्प होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

FWICE द्वारा जारी नॉन-कू-ऑपरेशन डायरेक्टिव (NCD) का क्या मतलब है?

NCD का अर्थ है कि FWICE के सभी सदस्य यूनियनों (जैसे तकनीशियन, मेकअप आर्टिस्ट, लाइटिंग क्रू) को निर्देश दिया गया है कि वे रणवीर सिंह के साथ किसी भी प्रोजेक्ट पर काम न करें। यह एक प्रकार का उद्योग बहिष्कार है जो शूटिंग और उत्पादन को बाधित कर सकता है।

क्या यह बैन कानूनी रूप से बाध्यकारी है?

नहीं, यह बैन किसी राज्य द्वारा लागू कानून नहीं है, बल्कि एक व्यावसायिक यूनियन का निर्णय है। रणवीर सिंह इसे अदालत में चुनौती दे सकते हैं यदि वे इसे अवैध मानते हैं। हालांकि, व्यावहारिक तौर पर, यूनियन वालों के बिना फिल्म बनाना मुश्किल हो जाता है।

रणवीर सिंह ने डॉन 3 क्यों छोड़ा?

रिपोर्ट्स के अनुसार, रणवीर सिंह और निर्माण कंपनी Excel Entertainment के बीच सृजनात्मक मतभेद थे। उन्हें स्क्रिप्ट में विलंबता और अन्य शर्तों पर असंतोष था। हालांकि, रणवीर ने कभी भी सार्वजनिक रूप से इसका कारण नहीं बताया।

फरहान अख्तर और रितेश सिद्धवानी की इस मामले में भूमिका क्या है?

फरहान अख्तर फिल्म के निर्देशक हैं और रितेश सिद्धवानी निर्माण कंपनी Excel Entertainment के प्रमुख हैं। उन्होंने दावा किया है कि रणवीर के अचानक निकल जाने से उन्हें ₹45 करोड़ का नुकसान हुआ है और उन्होंने इस शिकायत को FWICE के पास ले जाकर इस बैन का कारण बना।

रणवीर सिंह इस बैन से कैसे बाहर निकल सकते हैं?

रणवीर सिंह को व्यक्तिगत रूप से FWICE से मुलाकात करके मामले को सुलझाना होगा या फिर कानूनी रास्ता अपनाकर अदालत से इस निर्देश को रद्द करवाना होगा। तब तक, उद्योग के अधिकांश तकनीकी कर्मचारी उनके साथ काम नहीं करेंगे।

लेखक

अभिराज सिन्धानिया

अभिराज सिन्धानिया

मेरा नाम अभिराज सिन्धानिया है। मैं मीडिया और समाचार विषय पर विशेषज्ञता रखता हूं। सोशल मीडिया और मीडिया के बारे में लेखन करना मेरी प्राथमिकता है। मैं समाज के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करने और लोगों के विचार और मतलब समझने में विशेष रुचि रखता हूं। मेरी लेखन शैली में मैं विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण और स्पष्टता का उचित मिश्रण बनाने की कोशिश करता हूं।

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